
धनवार में बैठक कर केंद्र सरकार पर बरसे निजामुद्दीन अंसारी और शफीक अंसारी, बोले—झारखंड के खनिज और अधिकारों से समझौता नहीं
धनवार। केंद्र सरकार द्वारा एमएमडीआर अधिनियम में किए गए संशोधन के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को धनवार प्रखंड क्षेत्र के लालबाजार पंचायत भवन में झामुमो की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष निरंजन सिंह ने की, जबकि संचालन युवा मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष विनोद राय ने किया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक निजामुद्दीन अंसारी और 20 सूत्री अध्यक्ष सह जिला संगठन सचिव शफीक अंसारी शामिल हुए।
बैठक में एमएमडीआर संशोधन को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला गया। नेताओं ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां के संसाधनों पर राज्य के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। झामुमो ने संशोधन के खिलाफ गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया।
पूर्व विधायक निजामुद्दीन अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार एक तरफ झारखंड के बकाया राशि का भुगतान नहीं कर रही है और दूसरी तरफ एमएमडीआर संशोधन के जरिए राज्य के आर्थिक हितों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह झारखंड के अधिकारों का सवाल है और पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर केंद्र सरकार एमएमडीआर संशोधन वापस नहीं लेती है तो झामुमो पूरे झारखंड में आर्थिक नाकेबंदी का आंदोलन करेगा। राज्य से खनिज बाहर जाने से रोकने के लिए कार्यकर्ता सड़कों पर उतरने को तैयार हैं।”
वहीं शफीक अंसारी ने कहा कि झारखंड की जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा यहां के लोगों के अधिकार से जुड़ी है। उन्होंने कहा, “झारखंड के हितों को कमजोर करने वाला कोई भी फैसला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एमएमडीआर संशोधन के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाएंगे और केंद्र सरकार की नीतियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक व्यापक किया जाएगा।”

बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने निजामुद्दीन अंसारी को ‘गुरुजी’ के नाम से संबोधित करते हुए समर्थन भी जताया।
बैठक में झामुमो महिला मोर्चा की प्रखंड अध्यक्ष शारदा देवी, इस्तियाक अंसारी, जितेंद्र रविदास, नसीम अख्तर, मुस्लिम वारसी, रवि कुमार, आशिक अंसारी, पूर्व मुखिया वारिस अंसारी, मो. आजाद अंसारी, भीमसेन कुमार, राजू खान, जुमन अंसारी, सुधीर लोहरी, फिदा हुसैन, सलाउद्दीन अंसारी, मो. फिरोज अंसारी, सेबुन खातून, अशोक पासवान, हीरा दास, मानुवर अंसारी, रफीक अंसारी और मो. सलीम अंसारी समेत अन्य लोग मौजूद थे।










