रांची/धनवार। झारखंड विधानसभा परिसर रांची में मंगलवार को धनवार विधानसभा क्षेत्र की विकास की ‘डिमांड लिस्ट’ लेकर पूर्व विधायक निजामुद्दीन अंसारी और 20 सूत्री अध्यक्ष धनवार सह जिला संगठन सचिव झामुमो गिरिडीह शफीक अंसारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले। दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन के समक्ष क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियों के साथ-साथ विकास और जनहित से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता से रखा।
मुलाकात के दौरान खोरीमहुवा में अनुमंडलीय न्यायालय (कोर्ट) और जेल की स्थापना की मांग ने खासा ध्यान खींचा। इसके अलावा घोरथम्बा, नावागढ़चट्टी और गावां प्रखंड के पिहरा को नया प्रखंड बनाने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई।
नेताओं का कहना था कि खोरीमहुवा में अनुमंडलीय न्यायालय और जेल की स्थापना होने से क्षेत्र के लोगों को न्यायिक सुविधाओं के लिए दूर-दराज की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इससे प्रशासनिक व्यवस्था भी मजबूत होगी और अनुमंडल क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।

वहीं घोरथम्बा, नावागढ़चट्टी और पिहरा को प्रखंड का दर्जा देने की मांग के पीछे ग्रामीणों को बेहतर प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई। नेताओं के अनुसार, नए प्रखंड बनने से ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन आसान होगा और लोगों को प्रमाण पत्र, विकास योजनाओं सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

‘एक मुलाकात, कई मांगें’
राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को धनवार विधानसभा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्षेत्र में लंबे समय से प्रशासनिक एवं विकासात्मक सुविधाओं के विस्तार की मांग उठती रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री के समक्ष कोर्ट-जेल से लेकर नए प्रखंड तक की मांग रखे जाने से स्थानीय राजनीति में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है।
निजामुद्दीन अंसारी और शफीक अंसारी ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक पहल का निर्देश देंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री के दरबार में रखी गई धनवार की यह ‘डिमांड लिस्ट’ कब तक जमीन पर उतरती है।








